Increased blood pressure or pre eclampsia in pregnancy-What every pregnant woman should know!

Dr. Akanksha Baghel completed her Post Graduation in Radiodiagnosis from Gandhi Medical College at Bhopal, Madhya Pradesh in 2015. After a brief stint at Delhi,  She has been practising Radiology at Baghel Sonography Center, at Harda, Madhya Pradesh since 2017. Dr Akanksha is a keen practitioner of meditation, pranayama and yoga. 

Dr. Akanksha answers curated questions on Pre eclampsia in this health education series of Samrakshan-The Indian Radiological and Imaging Association Program to reduce perinatal mortality in India. 

I am 12 weeks pregnant. My doctor said that I have a higher chance to develop pre-eclampsia. What is pre-eclampsia?

Congratulations on your pregnancy. I am sure you are happy about It and wish you a very happy and safe pregnancy. 

Coming back to your question, please do not be worried. When the doctor says you are at risk to get pre-eclampsia it means you do not have pre-eclampsia now. Not everyone at higher risk will get pre-eclampsia but it is helpful to be aware and have regular follow ups. Let us see what pre-eclampsia is and what we can do about it.

Pregnant women may develop a high blood pressure any time during pregnancy. 

We call it pre-eclampsia if the high blood pressure begins after 20 weeks of pregnancy in a woman who had normal blood pressures before. A urine test may show protein in urine, there may be swelling in the body and other parts of the body like kidneys may be affected. There may be some swelling of the body during pregnancy, not all swelling indicates pre-eclampsia. In simple terms, we can call it as one form of high blood pressure or high BP that occurs during pregnancy.

The blood pressure can increase at any time during pregnancy, so it is important to visit your doctor and have your BP checked regularly. Preeclampsia can happen as early as 5 months of pregnancy or even after 8.5 months or just before childbirth. The blood pressure can also increase within 48 hours of delivery. 

मेरी फ़िलहाल 12 हफ़्ते की गर्भावस्था है, मेरे डॉक्टर के मुताबिक मुझे प्रीक्लेम्पसिया होने की  ज्यादा संभावना  है . ये प्रीक्लेम्पसिया क्या है ?

सबसे पहले तो आपको मातृत्व सुख के लिए बधाई और सुरक्षित और खुशहाल मातृत्व की शुभकामनायें ……

 जैसा कि आपने पूछा इसके लिए परेशान होने की ज़रूरत बिल्कुल नहीं है… यदि डॉक्टर का कहना है कि आपको प्रीक्लेम्पसिया होने की संभावना है तो इसका मतलब ये हुआ कि फिलहाल तो आपको प्रीक्लेम्पसिया नहीं है, और ये ज़रूरी भी नहीं कि जिन भी महिलाओं को इसकी संभावना है उनको प्रीक्लेम्पसिया हो ही …. लेकिन जागरूकता और नियमित जांचों से वाक़ई बहुत हद तक मदद मिलती ही है…. 

तो देंखें क्या है ये प्रीक्लेम्पसिया और इस बारे में क्या प्रयास किये जा सकते हैं . गर्भवती महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर या कहें उच्च रक्तचाप होने की संभावनाएं होती है … प्रीक्लेम्पसिया तब परिभाषित होता है जब किसी भी सामान्य ब्लड प्रेशर वाली महिला को गर्भावस्था के लगभग बीसवें हफ़्ते के बाद हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आने लगे. पिशाब की जांच में प्रोटीन हो सकता है ……शरीर के अंगों में सूजन आ सकती है ….. यहाँ तक कि किडनी जैसे अंग भी प्रभावित हो सकते हैं….. देखिये सामान्य तौर पर भी गर्भावस्था के दौरान शरीर में कुछ सूजन आ जाती है … तो इसका ये मलतब बिल्कुल नहीं है कि इसका संबंध प्रीक्लेम्पसिया से हो। देखा जाए तो  प्रीक्लेम्पसिया को हम एक प्रकार का हाई ब्लड प्रेशर कह सकते हैं जो गर्भावस्था में होता है । ब्लड प्रेशर भी गर्भवस्था के दौरान कभी भी बढ़ सकता है …. तो जरूरी है कि डॉक्टर से  परामर्श लिया जाए और ब्लड प्रेशर की जांच नियमित तौर पे कराई जाए । बता दूं कि प्रीक्लेम्पसिया कभी भी हो सकता है जल्द से जल्द 5 महीने और ज्यादा से ज्यादा आठवें या नौवे महीनें ….यहाँ तक कि प्रसव के पहले या डिलीवरी के अड़तालीस घंटे बाद भी । 

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